पंचतत्व, जीवन का मूल
1. पंचतत्व: सृष्टि के मूल आभूषण अग्नि, जल, वायु, धरती और आकाश—ये पाँच तत्व समस्त प्राणियों के लिए आभूषण समान हैं।इनसे ही जीवन की रचना, संरक…
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1. पंचतत्व: सृष्टि के मूल आभूषण अग्नि, जल, वायु, धरती और आकाश—ये पाँच तत्व समस्त प्राणियों के लिए आभूषण समान हैं।इनसे ही जीवन की रचना, संरक…
1. मकड़ी और उसका जाल: आत्मनिर्भर सृजन मकड़ी अपने ही शरीर से निकले द्रव्य से जाल का निर्माण करती है।यह जाल न बाहर से आता है, न किसी और पर नि…
सांसारिक चक्र और ईश्वरीय चेतना सर्दी और गर्मी का आवर्तन, अंधकार और प्रकाश का क्रमिक परिवर्तन, दिन–रात का चक्र, महीनों और वर्षों का निरंतर प…
1. ईश्वर प्राप्ति की अंतहीन यात्रा ईश्वर प्राप्ति की राह अत्यंत लंबी और रहस्यमयी है।यह ऐसी यात्रा है जिसका कोई अंतिम पड़ाव दिखाई नहीं देता।…
1. अहंकार का अंधकार संसार में स्वयं को श्रेष्ठ और बलवान माननामनुष्य को अहंकार के अंधकार में ले जाता है।अहंकार में डूबा व्यक्ति ईश्वर को भूल…
1. अज्ञानरूपी अंधकार और दिव्य प्रकाश अंधेरी काली रात्रि में जैसे बिजली की एक क्षणिक चमक सब कुछ प्रकाशित कर देती है,वैसे ही ईश्वर-स्मरण मन क…
1. ईश्वर : जीवन का सबसे निकटतम तत्व जीवन में हमारा सबसे निकटतम तत्व स्वयं ईश्वर ही है।हमारा प्रत्येक श्वास–प्रश्वास उनकी कृपा से ही संचालित…
1. मानवीय शरीर : ईश्वर की अद्भुत रचना हाथ, पाँव, नाक, कान आदि अवयवों से सुसज्जित यह मानव शरीर ईश्वर की अनुपम कृति है।हर अंग अपने आप में पूर…