सामान्य प्रश्न

“रूद्र महासंघ” लोकहितकारी एवं राष्ट्र-निर्माण हेतु समर्पित संस्था है। यह मानवता को केंद्र में रखकर कार्य करता है और हर व्यक्ति के स्व-जागरण और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए समर्पित है।

रूद्र महासंघ का लक्ष्य है “स्वजागरण” अर्थात प्रत्येक व्यक्ति आत्म-चेतना के उत्थान के मार्ग पर चले।

1️) योग
2️) संस्कार
3️) शिक्षा
4️) सेवा

रूद्र महासंघ का संचालन साधको एवं सेवाभावी सज्जनों के समूह द्वारा किया जा रहा है। संगठन की सभी गतिविधियाँ वर्तमान में संस्था के प्रमुख पद पर आसीन ऋषिकुमार संतोष जी के मार्गदर्शन में संचालित हो रही हैं।

● ध्यान व साधना का मार्गदर्शन

● चरित्र निर्माण व संस्कार विकास

● समाज सेवा व नेतृत्व प्रशिक्षण

● मानसिक व आत्मिक बल की प्राप्ति

महासंघ का मुख्यालय कैलाश पुरी सेवा आश्रम, रानीपुर रोड, रेलवे कॉलोनी, महामूरगंज, वाराणसी, उत्तर प्रदेश 221010 में है। इसके साथ ही विभिन्न जगहों पर ध्यान केंद्र के रूप में शाखाएँ विकसित की जा रही है। संगठन की सारी गतिविधियाँ ध्यान केंद्रों के माध्यम से संचालित होती हैं।

आप तीन रूपों में महासंघ से जुड़ सकते हैं:

● साधक के रूप में — आंतरिक शांति और जाग्रत चेतना हेतु।

● प्रचारक के रूप में — रूद्र महासंघ के कार्यों में सहयोग देकर, स्वजागरण के संदेश को समाज तक पहुँचाने हेतु।

● आचार्य के रूप में — पूर्णरूपेण समर्पित होकर, साधना, अनुसंधान और शिक्षण द्वारा भावी पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक तथा संगठन के दीपस्तंभ बनने हेतु।

हाँ। प्रारंभिक स्तर पर रूद्र विन्यास योग का प्रशिक्षण सभी साधकों के लिए अनिवार्य है।

आप निम्न माध्यमों से सहयोग कर सकते हैं:

● अर्थ, संसाधन या स्थान का दान देकर

● खाद्य, वस्त्र एवं आवश्यक सामग्री प्रदान करके

● विभिन्न कार्यक्रमों का प्रायोजन कराकर

जी हाँ। कोई भी लोकहितकारी संस्था, जो समाज के कल्याण के लिए कार्य कर रही है, वह रूद्र महासंघ से संबद्ध होकर सदस्य बन सकती है। इस प्रकार विभिन्न संस्थाएँ एकजुट होकर व्यापक स्तर पर मानव उत्थान और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में कार्य कर सकती हैं।