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आतंरिक शान्ति ही मूल है|
जब मन अशांत होता है —तो व्यक्ति क्रोध, भय, ईर्ष्या, और असुरक्षा से घिर जाता है।ऐसे में चाहे वह कितनी भी बाहरी धार्मिक क्रियाएँ करे,वह सच्चे …
By Rudra Mahasangha
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