मंत्र योग वह योग मार्ग है जिसमें पवित्र शब्दों (मंत्रों) के नियमित जप से
मन, बुद्धि और आत्मा को शुद्ध किया जाता है।
मंत्र की ध्वनि-तरंगें हमारे मन और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
इस योग में श्रद्धा, नियमितता और एकाग्रता सबसे ज़रूरी होती है।
मंत्र का अर्थ
मंत्र = “मन” + “त्र”
जो मन की रक्षा करे, वही मंत्र है |
मंत्र योग कैसे किया जाता है?
1️⃣ शांत और स्वच्छ स्थान चुनें
2️⃣ सुखासन या पद्मासन में बैठें
3️⃣ आँखें बंद रखें
4️⃣ मन को मंत्र पर केंद्रित करें
5️⃣ माला (108 दाने) से या बिना माला जप करें
6️⃣ रोज़ एक ही समय पर अभ्यास करें
मंत्र योग के प्रकार
1️⃣ वैदिक मंत्र
वेदों से लिए गए मंत्र
उच्चारण शुद्ध होना चाहिए
2️⃣ तांत्रिक मंत्र
विशेष साधना के लिए
गुरु मार्गदर्शन आवश्यक
3️⃣ बीज मंत्र
छोटे लेकिन शक्तिशाली
जैसे: ॐ, ह्रीं, क्लीं
प्रमुख मंत्र (सरल अर्थ सहित)
1. ॐ मंत्र
मंत्र:
???? ॐ
लाभ:
मन की शांति
ध्यान में सहायक
बच्चों और बड़ों सभी के लिए सुरक्षित
2. गायत्री मंत्र
मंत्र:
ॐ भूर्भुवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
लाभ:
बुद्धि तेज़ करता है
विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ
सकारात्मक सोच बढ़ाता है
3. महामृत्युंजय मंत्र
मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
लाभ:
भय और रोग से मुक्ति
मानसिक बल प्रदान करता है
4. शांति मंत्र
मंत्र:
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः
लाभ:
मानसिक अशांति दूर
ध्यान के अंत में श्रेष्ठ
⏰ मंत्र जप का सही समय
प्रातः ब्रह्ममुहूर्त
संध्या समय
नियमित समय सबसे अच्छा
मंत्र योग के लाभ
✔ मन शांत होता है
✔ एकाग्रता बढ़ती है
✔ नकारात्मक विचार दूर होते हैं
✔ आत्मविश्वास और संस्कार बढ़ते हैं
✔ बच्चों में अनुशासन विकसित होता हैं
⚠️ सावधानियाँ
मंत्र का मज़ाक न उड़ाएँ
उच्चारण सही रखें
तांत्रिक मंत्र बिना गुरु न करें
दिखावे के लिए नहीं, श्रद्धा से करें
✨ निष्कर्ष:
मंत्र योग सरल, सुरक्षित और सभी उम्र के लोगों के लिए उपयोगी योग मार्ग है।
नियमित जप से जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मकता आती है।