1. हठ योग का अर्थ
हठ योग दो शब्दों से मिलकर बना है—
ह = सूर्य (ऊर्जा, सक्रियता)
ठ = चंद्र (शांति, स्थिरता)
हठ योग का उद्देश्य शरीर में सूर्य और चंद्र ऊर्जा के बीच संतुलन स्थापित करना है। यह योग शरीर, मन और प्राण को शुद्ध कर आत्मिक उन्नति की ओर ले जाता है।
2. हठ योग की उत्पत्ति
हठ योग का वर्णन प्राचीन योग ग्रंथों में मिलता है जैसे—
हठ योग प्रदीपिका (स्वात्माराम)
घेरंड संहिता
शिव संहिता
इस योग पद्धति के प्रवर्तक भगवान शिव माने जाते हैं, जिन्होंने इसे पार्वती को उपदेश रूप में दिया।
3. हठ योग का उद्देश्य
हठ योग का मुख्य उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि—
शरीर को स्वस्थ व शक्तिशाली बनाना
प्राण ऊर्जा को नियंत्रित करना
मन को स्थिर और एकाग्र करना
ध्यान के लिए शरीर को सक्षम बनाना
आत्मसाक्षात्कार की तैयारी करना
4. हठ योग के प्रमुख अंग
हठ योग के छह प्रमुख अंग माने जाते हैं—
(1) षट्कर्म (शुद्धिकरण क्रियाएँ)
शरीर की आंतरिक शुद्धि के लिए की जाती हैं—
धौती
बस्ती
नेति
नौली
कपालभाति
त्राटक
(2) आसन
आसन शरीर को स्थिर, स्वस्थ और लचीला बनाते हैं।
कुछ प्रमुख आसन—
पद्मासन
वज्रासन
सिद्धासन
ताड़ासन
भुजंगासन
शवासन
(3) प्राणायाम
श्वास-प्रश्वास के नियंत्रण द्वारा प्राण शक्ति को संतुलित करता है—
अनुलोम-विलोम
कपालभाति
भस्त्रिका
उज्जायी
भ्रामरी
(4) मुद्रा
मुद्राएँ शरीर की ऊर्जा को सही दिशा देती हैं—
महामुद्रा
महाबंध
खेचरी मुद्रा
विपरीतकरणी मुद्रा
(5) बंध
प्राण शक्ति को ऊपर की ओर प्रवाहित करने हेतु—
मूलबंध
उड्डियानबंध
जालंधरबंध
(6) ध्यान
मन को एकाग्र कर आत्मचिंतन की अवस्था में ले जाता है।
5. हठ योग में आहार का महत्व
हठ योग में सात्त्विक आहार पर विशेष बल दिया गया है—
ताजा, हल्का और पौष्टिक भोजन
फल, दूध, सब्जियाँ, अनाज
अत्यधिक मसालेदार, तला-भुना भोजन वर्जित
6. हठ योग के लाभ
शारीरिक लाभ
शरीर रोगमुक्त होता है
पाचन शक्ति बढ़ती है
स्नायु व मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं
मानसिक लाभ
तनाव और चिंता कम होती है
स्मरण शक्ति बढ़ती है
मन शांत और स्थिर रहता है
आध्यात्मिक लाभ
ध्यान में एकाग्रता
कुंडलिनी जागरण की तैयारी
आत्मज्ञान की ओर अग्रसर
7. हठ योग और राज योग का संबंध
हठ योग को राज योग की सीढ़ी कहा जाता है।
जब शरीर और प्राण शुद्ध हो जाते हैं, तभी व्यक्ति ध्यान (राज योग) में प्रवेश कर सकता है।
8. हठ योग से संबंधित प्रमुख ग्रंथ
हठ योग प्रदीपिका
घेरंड संहित
शिव संहिता
9. निष्कर्ष
हठ योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि पूर्ण जीवन पद्धति है।
यह शरीर को स्वस्थ, मन को स्थिर और आत्मा को ऊँचाई तक ले जाने वाला योग है।