कर्मयोग ही जीवन का सर्वोत्तम मार्ग
1. कर्म ही जीवन का आधार इस संसार में प्रत्येक मनुष्य अपने-अपने कर्मों में लगा हुआ है।कोई ज्ञान के बल पर आगे बढ़ता है, तो कोई परिश्र…
Insights, stories and learnings — yoga, wellness & spirituality
1. कर्म ही जीवन का आधार इस संसार में प्रत्येक मनुष्य अपने-अपने कर्मों में लगा हुआ है।कोई ज्ञान के बल पर आगे बढ़ता है, तो कोई परिश्र…
1. कर्म ही जीवन का वास्तविक आधार मनुष्य का जीवन उसके कर्मों से ही निर्मित होता है।ईश्वर की कृपा किसी संयोग से नहीं, बल्कि हमारे आचरण के अनु…
1. सत्य मार्ग का महत्व सांसारिक जीवन में सत्य ही मनुष्य का सबसे बड़ा आधार है।सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति आत्मविश्वास और निर्भयता से …
1. मानवीय गुणों का अभाव : व्यक्ति के पतन का कारण मनुष्य कहलाने का वास्तविक अर्थ केवल शरीर से नहीं, बल्कि आचरण से होता है।जब कोई व्य…
1. सृष्टि का मूल आधार : सच्चाई प्रभु की इस सृष्टि का सबसे मजबूत और शाश्वत आधार सच्चाई है।सच्चाई वही शक्ति है जो जीवन को भीतर से निर्मल और स…
. सृष्टि की मूल व्यवस्था: अंधेरा और प्रकाश संसार में अंधेरा और प्रकाश कोई विरोधी नहीं, बल्कि सृष्टि की मूल व्यवस्था के दो आवश्यक अंग हैं।सृ…
1. हृदय की धड़कन : जीवन की निरंतर लय मानव शरीर के भीतर हृदय बिना रुके निरंतर धड़कता रहता है।यह धड़कन ही जीवन की पहली पहचान है।हृदय शुद्ध रक…
1. कर्म का मूल आधार : सोच सोच कर्म का प्रथम बीज होती है।मनुष्य कोई भी कार्य करने से पहले भीतर ही भीतर उसके बारे में सोचता है।यही सोच आगे चल…